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101 प्रतिशत शुद्ध कश्मीरी निरंकार केसर
कश्मीरी केसर विश्व में सबसे अधिक गुणवत्ता रखने वाला होता है इसीलिए कश्मीरी केसर को गुणवत्ता में प्रथम स्थान प्राप्त है। निरंकार हर्ब्स ..
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101 प्रतिशत शुद्ध कश्मीरी निरंकार केसर
कश्मीरी केसर विश्व में सबसे अधिक गुणवत्ता रखने वाला होता है इसीलिए कश्मीरी केसर को गुणवत्ता में प्रथम स्थान प्राप्त है। निरंकार हर्ब्स आप तक शुद्ध कशमीरी केसर बिना किसी रंग, कैमिकल व मिलावट के पहुँचा रहा है। निरंकार केसर आप को सम्पूर्ण लाभ प्राप्ति के उद्देश्य से भयंकर प्रयासों द्धारा कश्मीर कि दुर्लभ पहाड़ीयों से अत्यंत शुद्ध, स्वच्छ व ताजा अवस्था में आप तक सीधा पहुँचाया जाता है। यदि हम विश्व के सबसे महंगे मसाले का नाम पूछे तो वह कश्मीरी केसर ही है। महंगा होने की वजह से (केसर) व्यापारी शुद्ध केसर बेचना ही नहीं चाहते व लोगों के स्वास्थय लाभ – हानि को अनदेखा कर कच्चे लोभ में फँसे रहते है। बाजार में मिलावटी केसर की अत्यधिक उपलब्धता के कारण आप केसर के लाभ उठा ही नहीं पाते, अपितु बहुत बार तो केसर से भयंकर नुक्सान उठाना पड़ता है और यदि नकली व बनावटी केसर बच्चों पर या पूजा में प्रयोग हो जाए तो समझो अनर्थ ही हो गया। हमारा यह प्रयास है की केसर की शुद्धता में 1 प्रतिशत का लाखवा भाग भी फर्क न आए, क्योंकी केसर से आप लाभ तो तभी उठा पाएंगे जब वह परम शुद्ध हो, आइए ब्रह्माण्ड के सबसे शुद्ध निरंकार केसर के प्रयोग द्धारा होने वाले लाभों से आपको अवगत करावें, शुद्ध केसर के यह लाभ हमारे काबिल वैदों में आयुर्वैदिक पुरातन ग्रंथों से न सिर्फ निकाले है अपितु स्वतंत्र अवस्था में सफल प्रयोग कर लाभ भी उठाए है। यह सभी लाभ आयुर्वेद के अनुसार शुद्ध केसर प्रयोग करने वाले को अवश्य ही प्राप्त होंगे।
शुद्ध निरंकार केसर द्धारा लाभ प्राप्ति
6 से 10 पत्ती निरंकार केसर दिन में 2 बार दूध मिश्री से सेवन करने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता की अपार वृद्धि होती है।
6 से 10 पत्ती दिन में दो बार दूध मिश्री से नियमित सेवन करने पर शरीर में रहने वाली कमजोरी, थकान व समरन शक्ति की कमजोरी दूर होती है।
सर्दियों में जिन्हें अधिक सर्दी लगती है वो 10 से 12 पत्ती निरंकार शुद्ध केसर दूध में उबालकर व मिश्री, बड़ी इलायची के योग से निरंतर सेवन करें।
निम्न रक्त चाप(Low blood pressure)के लिए 10 से 12 पत्ती दिन में दो बार दाल चीनी व मिश्री के योग से निरंतर सेवन करें। केसर Low blood pressure की खास दवा है।
6 से 10 पत्ती दिन में दो बार दूध में मिश्री व मलाई मिलाकर सेवन करने से काम शक्ति की अपार वृद्धि होती है व वीर्य का स्तम्भन (DELAYED EJUCULATION) होता है। आयुर्वेद के सतम्भ महर्षि चरक व सुश्रुत ने केसर को अत्यन्त कामशक्ति वर्धक कहा है।
यदि 12 g.m. केसर का Paste शहद के साथ बनाकर लिंग के आगे वाला हिस्सा छोड़कर लेप करें व लिंग की जड़ में हल्के हाथ से मलें तब लिंग सम्बन्धित रोगों का नाश होकर यौवन उमड़ पड़ता है। यह प्रयोग निरंतर करते रहें व साथ में निरंकार केसर का 10 से 12 पत्ती की मात्रा में दिन में दो बार सेवन करते रहें।
केसर में स्मरण शक्ति को बदलने का व मस्तिक को ताकत पहुँचाने का बड़ा ही दिव्य गुण है। मस्तिक की शक्ति बदलने के लिए 10 से 15 पत्ती शुद्ध केसर व 10 से 12 बादामों को दूध में उबालकर सेवन करें।
भावप्रकाश नामक पूरातन आयुर्वैदिक ग्रन्थ में लिखा है यदि केसर या Paste पानी के साथ व गाढ़ा – गाढ़ा बनाकर माथे पर लेप किया जाए तो सिरदर्द का नाश हो जाता है।
1 से 3 पत्ती केसर की उम्रानुसार दूध में मिलाकर देने से व केसर का लेप छाती व कपाल पर करने से बच्चो की सर्दी, खाँसी, जुकाम व छाती सम्बन्धित रोग दूर होते है।
माताओं के दुग्ध वर्धन के लिए व स्तन की गठानों को दूर करने के लिए सोते समय आधा ग्राम केसर पानी में पेस्ट बनाकर स्तनों पर मले व 6 से 8 पत्ती दिन में दो बार मिश्री व जीरा मिले दूध के साथ सेवन करवाने से माताओं में दूध की अत्यन्त वृद्धि होती है।
केसर मूत्र संबंधित रोग, रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी, नपुंसकता, हमेशा रहने वाला नजला, जुकाम, खाँसी, छाती के रोग, खून की अशुद्धता, चरम रोग, हृदय की कमजोरी व अन्य रोगों में अत्यन्त लाभकारी है।
गर्मियों में निरंकार शुद्ध केसर का प्रयोग चारों मगज, खस – खस, गुलाब व ठंडे दूध के साथ करना चाहिए।
बच्चों की रोग – प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए व उनके उत्तम शारीरिक विकास के लिए सर्दियों में दूध व केसर का प्रयोग अमृत तुल्य है।
चेहरे की सुन्दरता को बढ़ाने के लिए 8 से 10 पत्ती केसर में गुलाब जल व चन्दन पाउडर मिलाकर लेप करने से व 8 से 10 पत्ती का दिन में दो बार हल्दी व दूध को मिलाकर नियमित प्रयोग करने से सुन्दरता की अपार वृद्धि होती है।
केसर प्रयोग की उत्तम व सरल विधि:-
1 खरल में 1 बड़ा चम्मच चीनी व 1 ग्राम केसर डालकर चूर्ण बनाकर सुरक्षित डिब्बी में भर लें व आवश्यकता अनुसार दूध में उबालकर प्रयोग करें। इससे केसर का रंग व खुशबू खुलकर आएगी।
सावधानी:- गर्भावस्था व अत्यधिक HIGH BLOOD PRESSURE में निषेध
नोट:- शुद्ध निरंकार केसर के नियमित प्रयोग से व्यक्ति सदा स्वस्थ, जवान व निरोग रहकर चीरायु होता है।